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धर्म

राम मंदिर मामला: अब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे आरोप, SIT को मिली शिकायत, जांच की मांग

Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के बीच अब एसआईटी को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ शिकायत मिली है.

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच जारी है. एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है. इस बीच अब एसआईटी को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ शिकायत मिली है. राम मंदिर निर्माण और स्वर्णालय निर्माण के नाम पर चंदा, सोना और चांदी संग्रह में कथित अनियमितताओं को लेकर SIT को शिकायत दी गई. शिकायत में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर अवैध संग्रह और धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं.

पत्र में दावा किया गया कि हजारों गांवों से सोना-चांदी और दान जुटाकर अधिकृत ट्रस्ट को नहीं सौंपा गया. शिकायतकर्ता ने मामले में तत्काल जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है. यह पत्र यूपी सरकार द्वारा गठित SIT के अध्यक्ष विजय विश्वास पंत और अन्य सदस्यों को संबोधित किया गया है. स्वामी गोविंदानंद सरस्वती ने एसआईटी को मिलकर जांच का आग्रह किया.

अभियोजन अधिकारी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में से पांच-छह बैंक कर्मचारी हैं, जिन्हें मंदिर में प्राप्त नकद दान की गणना के कार्य में लगाया गया था.

एसआईटी ने योगी सरकार को सौंप दी है प्रारंभिक रिपोर्ट

वहीं, जांचकर्ता ने आरोपियों के पास से अब तक 79.85 लाख रुपये बरामद करने का दावा किया है. विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी. लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में गठित 3 सदस्यीय एसआईटी का गठन ट्रस्ट के आग्रह पर किया गया था. एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंप दी थी.

8 आरोपियों को 29 जून तक न्यायिक हिरासत

उधर, राम मंदिर में दान के कथित गबन के मामले में गिरफ्तार सभी 8 आरोपियों को शुक्रवार (26 जून) को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. उसके बाद उन्हें स्पेशल कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा. गिरफ्तार आरोपियों- अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, राम शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव मंदिर को मिले नकद दान और कीमती सामान की गणना की प्रक्रिया से जुड़े थे.

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